रिपोर्ट- कैलाश नाथ वर्मा / मनोज वर्मा
1-तहसील तरबगंज के ऐली परसौली, केवटाही गांव के कई पुरवो का अस्तित्त्व खतरे में
2-प्राथमिक विद्यालय ऐली परसौली से 5-7 मीटर दूर है घाघरा नदी
3-इस वर्ष 3 किमी काट कर आई है गांव के किनारे
4-अस्तित्त्व समाप्त होने पर पीड़ित ग्रामीण विद्यालय में लिए थे शरण
5-अब नदी के कटान के जद में आने पर कहीं अन्यत्र ठीकाने के हैं तलाश में
6-सैकड़ो की संख्या में बाढ़ पीड़ित लिये बंधे का शरण,प्रशासन से नही मिल रही कोई मदद
गोण्डा जिले के तरबगंज तहसील में घाघरा खतरे के निशान से जैसे जैसे नीचे जा रही है वैसे वैसे कटान तेज हो गया है।जिसके कारण अब घाघरा के किनारे सैकड़ो बीघा फसल घाघरा की धारा में समाहित हो रहे है वही केवटाही सहित ऐली परसौली के आधे दर्जन से अधिक पूरवे नदी की धारा में विलीन हो गए है।
घाघरा के कटान के कारण आस पास के ग्रामीण गांवों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर शरण ले रहे है । कुछ लोग बन्धो पर शरण ले लिए है।जबकि प्राथमिक विद्यालय ऐली परसौली माझा के किनारे नदी कटान करते पहुच गयी है जिससे स्कूल के अस्तित्व को खतरा उतपन्न हो गया है। ग्रामीण घरों को खाली कर सुरक्षित स्थानों पर ले जा रहे है।
नदी के धारा में समाहित हुए कुछ गांव के लोग प्राथमिक विद्यालय ऐली परसौली माझा में शरण लिए लेकिन अब घाघरा विद्यालय के किनारे कटान करते पहुच गयी जिससे अब लोगो विद्यालय छोड़ कर सुरक्षित स्थानों पर जाना पड़ेगा।


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